1)केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने 17 फरवरी 2014 को वोट ऑन एकाउण्ट – Vote-on-Account (लेखानुदान) लोक सभा में प्रस्तुत किया। इस लेखानुदान के द्वारा सरकारी खर्चों की व्यवस्था की जायेगी क्योंकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल मई 2014 में समाप्त हो जायेगा। इस लेखानुदान में वर्ष 2013-14 के दौरान राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) कितना रहने का अनुमान पेश किया गया? –सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.6%(राजस्व खर्चों और प्राप्तियों के बीच के अंतर को हीराजकोषीय घाटा कहा जाता है। उल्लेखनीय है कि पहले इसके 4.8% रहने का अनुमान लगाया गयाथा तथा वर्ष 2012-13 के दौरान राजस्व घाटा GDP का 4.8% रहा था। माना जा रहा है कि राजस्व घाटे के नीचे आने के दो सर्वप्रमुख कारण हैं केन्द्रीय खर्चों में कमी तथा हाल ही में सम्पन्न हुई 2G में अपेक्षा से अच्छास्पेक्ट्रम मूल्य प्राप्त होना)………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………2)17 फरवरी 2014 को प्रस्तुत लेखानुदान में वर्ष 2013-14 के दौरान कृषि विकास दर कितनी रहने का अनुमान लगाया गया? –4.5%………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………3)17 फरवरी 2014 को प्रस्तुत लेखानुदान में सरकार ने एजूकेशन लोन पर बकाया ब्याज पर छूटदेने की घोषणा की है जिससे लगभग 9 लाख छात्रों को लाभ होने की संभावना है। वहीं इसछूट के चलते सरकार पर लगभग 2,600 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। यह छूट किस वर्ष से पूर्व लिए गए एजूकेशन लोन्स पर प्रदान की गई? –2009 सेपहले(वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने घोषणा कीकि 31 मार्च 2009 से पहले लिए गए सभी एजूकेशन लोन्स पर बकाया ब्याज राशि का भुगतान नहीं करना होगा। ऐसे लोन्स पर वर्ष 2012-13 तक देय ब्याज राशि का भुगतान नहीं करना होगा लेकिन 1 जनवरी 2014 से उत्पन्न होने वाले ब्याज का भुगतान करना होगा)………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………4)17 फरवरी 2014 को प्रस्तुत लेखानुदान में वर्ष 2014-15 के दौरान रक्षा खर्च में 10% की वृद्धि करने की घोषणा की गई। इस वर्ष के दौरान कुल रक्षा खर्च कितना हो गया है? –रु. 2,24,000 करोड़………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………5)अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित लोगों के उद्यमिता कौशल में विकास के लिए 200 करोड़ रुपए की प्रारंभिक पूँजी के साथ एक वेंचर कैपिटल फण्ड (Venture Capital Fund) स्थापित करने की घोषणा 17 फरवरी 2014 को प्रस्तुत लेखानुदान में की गई। इस वेंचर कैपिटल फण्ड की स्थापना का काम किस वित्तीय कम्पनी को सौंपा गया? –IFCI………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………6)17 फरवरी 2014 को प्रस्तुत लेखानुदान में किन दो व्यवसाय वर्गों को सेवा कर (Service Tax) से बाहर करने की घोषणा की गई? –ब्लड बैंक संचालक और चावल भण्डारण सेवा प्रदत्ता………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………7)केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने 17 फरवरी 2014 को घोषित लेखानुदान (Vote-on-Account) में सरकार की उधारियों तथा निधियों के बेहतर प्रबन्धन के लिए किस नाम से एजेंसी गठित करने की घोषणा की? –लोक ऋण प्रबन्धन एजेंसी – Public Debt Management Agency – PDMA(वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार लोक ऋण प्रबन्धन एजेंसी विधेयक के साथ इस एजेंसी के गठन के लिए पूर्णतया तैयारहै। इस प्रस्तावित एजेंसी को एक गैर-वैधानिक एजेंसी के रूप में गठित करने कीयोजना है तथा अगले वित्तीय वर्ष से इसके कामशुरू करने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि लोक ऋण प्रबन्धन एजेंसी का विचार सर्वप्रथमपूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 2011-12 के बजट को पेश करते समय रखा था। मानाजा रहा है कि इस एजेंसी में भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारी, नौकरशाह तथा निजी क्षेत्र से विशेषज्ञ शामिल किए जायेंगे)………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………8)भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सिफारिशें देने के लिए गठित वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग (Financial Sector Legislative Reforms Commission FSLRC) द्वाराप्रस्तुत सिफारिशों की समीक्षा करने के लिएएक समिति का गठन फरवरी 2014 के दौरान किया। इस नौ-सदस्यीय समिति का प्रमुख किसे बनाया गया? –जी. गोपालाकृष्णा(गोपालाकृष्णा भारतीय रिज़र्व बैंक में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के रूप में तैनात हैं। यह समिति मुख्यत: बैंकिंग क्षेत्र के विभिन्न स्तरों पर कार्य करने के लिए अपेक्षित योग्यता, दक्षता आदि का अध्ययन करेगी। इसके अलावा समिति बैंकिंग क्षेत्र के वर्तमान विधायी ढांचे के परिप्रेक्ष्य में बैंकिंग गतिविधियों की समीक्षा करेगी तथा इसे मजबूतकरने के लिए अपनी सिफारिशें पेश करेगी)………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………9)कोलकाता में मुख्यालय वाले सार्वजनिक क्षेत्र के यूनाइटेड बैंक ऑफ इण्डिया (UBI) की अध्यक्षा और प्रबन्ध निदेशक (CMD) का पद 20 फरवरी 2014 से स्वेच्छा से छोड़ने वाली अधिकारी का नाम क्या है? –अर्चना भार्गव(अर्चना की नियुक्ति इस पद पर केन्द्र सरकारने अप्रैल 2013 के दौरान की थी तथा उन्हें अभी फरवरी 2015 तक इस पद पर रहना था। उल्लेखनीय है कि उनकी सेवानिवृत्ति को बैंकके लगातार बढ़ते कर्जों और तीसरी तिमाही के दौरान हुए घाटे को ध्यान में रखकर देखा जा रहा है। यूनाइटेड बैंक की गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ (NPAs) 2013-14 की तीसरी तिमाही के दौरान 194% बढ़कर पिछले साल के 2,902 करोड़ रुपए से बढ़कर 8,545.5 करोड़ रुपए तक पहुँच गईं)………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………10)भारत के डाक विभाग (इण्डिया पोस्ट) ने 13 फरवरी 2014 से अपनी इलेक्ट्रॉनिक भारतीय पोस्टल ऑर्डर (e-IPO) सेवा को देश के नागरिकों के लिए उपलब्ध करा दिया। इस के माध्यम किस उद्देश्य के लिए ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा प्रदान की गई है? –सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सूचनाएं प्राप्त करने केलिए(उल्लेखनीय है कि e-IPO एक ऐसी सुविधा है जिसके अंतर्गत ऑनलाइन (इलेक्ट्रॉनिक) माध्यम से भारतीय पोस्टल ऑर्डर (IPO) को खरीदकर RTI सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए भुगतान किया जा सकता है। यह ई-पोस्ट ऑफिस पोर्टल (https://www.epostoffice.gov.in) अथवा इण्डिया पोस्ट की वेबसाइट (www.indiapost.gov.in) से खरीदा जा सकता है तथा इस खरीद रसीद को RTI आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जा सकता है। पिछले साल सरकार नेविदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए अपनी सुविधा 22 मार्च 2013 को शुरू की थी)………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………11)भारत के पूँजी बाजार नियामक SEBI ने 13 फरवरी 2014 को एक नए कॉर्पोरेट गवर्नेन्स सम्बंधी नियमों को अपनी स्वीकृति प्रदान करदी जिसके अंतर्गत सूचीबद्ध कम्पनियों को अबमुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैसे अपने सर्वोच्च अधिकारियों को प्रदान किए जाने वाले वेतन पैकेज को तर्कसंगत ठहराना होगा, व्हिसलव्लोअर नीति तैयार करनी होगी तथा अनुक्रमण (Succession) की उचित व्यवस्था कायम करनी होगी। इन नए नियमों के माध्यम से मुख्यत: क्या उद्देश्य प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है? –सूचीबद्ध कम्पनियों तथा उनके उच्च पदेन अधिकारियों को उचित व्यावसायिक तरीकों (Good Business Practices) को अपनाने के लिए प्रेरित करना(उल्लेखनीय है कि इन नए नियमों को SEBI बोर्ड ने 13 फरवरी को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी तथा अबइन नए नियमों को सम्बन्धित सूचीबद्धता समझौते (listing agreement) में जल्द जोड़ दिया जायेगा। SEBI बोर्ड ने इसके अलावा नए KYC पंजीकरण एजेंसी (KYC Registration Agency – KRA) नियमों को भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी जिससे पूँजी बाजार में भाग लेने वाले निवेशकों को KYC नियमों के अनुपालन में अधिकआसानी होगी)



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