1) क्रेडिट सूचना रिपोर्टों (Credit Information Reports – CIRs) पर गठित उस समिति का अध्यक्ष कौन है जिसने मार्च 2014 के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को अपनी रिपोर्ट सौंपी है? – आदित्य पुरी, अध्यक्ष HDFC बैंक (इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में सर्वप्रमुख सिफारिश यह की है कि ऋण प्राप्त करने के इच्छुक लोगों में वित्तीय अनुशासन की प्रवृत्ति विकसित करने के उद्देश्य से ऐसे लोगों को उनके क्रेडिट प्रोफाइल की एक कॉपी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए)
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2) उस इंफ्रास्ट्रक्चर फाइसेंस कम्पनी का क्या नाम है जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के ग्रामीण अंचलों में 9,000 व्हाइट लेबल एटीएम (WLAs) खोलने की अनुमति 25 मार्च 2014 को प्रदान की? – SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइसेंस लिमिटेड (RBI द्वारा SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइसेंस को प्रदान किए गए इस लाइसेंस में कम्पनी को इन WLAs की स्थापना, स्वामित्व व संचालन का अधिकार दिया गया है। इससे SREI को अपनी तमाम सेवाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार करने में सहायता मिलेगी)
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3) मोबाइल से पैसा हस्तातंतरित करने वाली एम-पेसा (m-Pesa) सेवा से जुड़े उस प्री-पेड भुगतान सेवा प्रदत्ता का क्या नाम है जिसने मार्च 2014 के दौरान नेशनल पेमेण्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इण्डिया (NPCI) की इमीडिएट पेमेण्ट सर्विस (IMPS) के साथ हाथ मिला कर एक अखिल-भारतीय अंतर-बैंक धन हस्तांतरण सेवा शुरू की है? – मोबाइल कॉमर्स सॉल्यूशन्स लिमिटेड – Mobile Commerce Solutions Ltd (MCSL) (इस सेवा के तहत एम-पेसा सेवा का लाभ उठाने वाले ग्राहक NPCI के भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग कर किसी भी IMPS-प्रयुक्त बैंक के खाताधारक को पैसा हस्तांतरित कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि नेशनल पेमेण्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इण्डिया (NPCI) भारत में खुदरा भुगतानों का एक संगठन है जिसकी स्थापना में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) तथा भारतीय बैंक संघ (IBA) ने अपनी भूमिका निभाई थी। वहीं IMPS ऐसा भुगतान प्लेटफॉर्म है जिसकी मदद से मोबाइल, इंटरनेट अथवा एटीएम की मदद से दिन के 24 घण्टों और सप्ताह के सातों दिन विभिन्न सेवाओं के लिए भुगतान किया जा सकता है)
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4) केन्द्र सरकार ने मार्च 2014 के दौरान निजी क्षेत्र के किस बैंक में अपनी 9% हिस्सेदारी का विनिवेश किया? – एक्सिस बैंक – Axis Bank (इस बैंक में हिस्सेदारी को यूनिट ट्रस्ट ऑफ इण्डिया (UTI) के उस विशेष उपक्रम (SUUTI) के माध्यम से बेचा गया जिसकी स्थापना वर्ष 2003 में UTI की एक प्रशाखा के तौर पर की गई थी तथा जिसके पास एक्सिस बैंक की 20.72% हिस्सेदारी थी। एक्सिस बैंक के अन्य प्रमोटर्स हैं – भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जनरल इन्श्योरेंस कॉर्पोरेशन, न्यू इण्डिया एश्योरेन्स और नेशनल इन्श्योरेंस कम्पनी)
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5) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 19 मार्च 2014 को देश के पाँच घरेलू निजी बैंकों को स्वर्ण आयात (gold import) करने की अनुमति प्रदान कर दी। RBI के इस निर्णय के बाद चीन के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्वर्ण बाजार भारत में स्वर्ण आपूर्ति में हो रही दिक्कतें कम होने तथा इसके मूल्यों में नरमी आने की आशा व्यक्त की जा रही है। स्वर्ण आयात की अनुमति पाने वाले ये 5 बैंक कौन से हैं? – HDFC बैंक, Axis बैंक, कोटक महिन्द्रा बैंक, इण्डस-इण्ड बैंक (IndusInd Bank) औरYes Bank (वैश्विक स्वर्ण बाजार के जानकारों का मानना है कि स्वर्ण आयात की अनुमति प्रदान करने के RBI के इस कदम से देश के बढ़ते व्यापार घाटे के मद्देनज़र दिसम्बर 2013 के दौरान स्वर्ण के आयात में लगाई गईं तमाम पाबन्दियों में नरमी आने की संभावना लगने लगी है)
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6) राष्ट्रीय सैम्पल सर्वे संगठन (NSSO) द्वारा देश में उपभोक्ताओं द्वारा किए जा रहे खर्च का आकलन करने के लिए मार्च 2014 के दौरान जारी आंकड़ों के अनुसार देश के किस राज्य में शहरी क्षेत्र के लोगों का प्रति व्यक्ति मासिक उपभोक्ता खर्च (monthly per capita consumerexpenditure – MPCE) सर्वाधिक रहा? – हरियाणा (जारी आंकड़ों के अनुसार हरियाणा का MPCE 3,817 रुपए के साथ देश में सर्वाधिक रहा। हरियाणा के बाद क्रमश: केरल (MPCE रु. 3,408) और महाराष्ट्र (MPCE रु. 3,189) का स्थान रहा। वहीं शहरी क्षेत्रों में सबसे कम MPCE बिहार का रहा (रु. 1,507)। उल्लेखनीय है कि द्वारा यह आंकड़े NSSO के 68वें दौर के सर्वे में जुलाई 2011 से जून 2012 के बीच एकत्र किए गए थे)
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7) राष्ट्रीय सैम्पल सर्वे संगठन (NSSO) द्वारा देश में उपभोक्ताओं द्वारा किए जा रहे खर्च का आकलन करने के लिए मार्च 2014 के दौरान जारी आंकड़ों के अनुसार देश के किस राज्य में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का प्रति व्यक्ति मासिक उपभोक्ता खर्च (monthly per capita consumerexpenditure – MPCE) सर्वाधिक रहा? – केरल (जारी आंकड़ों के अनुसार केरल का 2,669 रुपए के साथ देश में सर्वाधिक रहा। केरल के बाद क्रमश: गुजरात (MPCE रु. 2,581) और पंजाब (MPCE रु. 2,345) का स्थान रहा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे कम MPCE उड़ीसा का रहा (रु. 1,003)। उल्लेखनीय है कि NSSO द्वारा यह आंकड़े के 68वें दौर के सर्वे में जुलाई 2011 से जून 2012 के बीच एकत्र किए गए थे)
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8) 20 मार्च 2014 को अपने पद से इस्तीफा देने वाले भारतीय रिज़र्व बैंक के उप-गवर्नर का नाम क्या है? – के.सी. चक्रवर्ती (उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के चलते इस्तीफा दिया। उल्लेखनीय है कि चक्रवर्ती को जून 2009 में तीन साल के लिए उप-गवर्नर नियुक्त किया गया था। लेकिन 2012 में उनके कार्यकाल को दो साल बढ़ा दिया गया था और तीन माह में उन्हें सेवानिवृत होना था)
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9) भारतीय पूँजी बाजार की विनियामक संस्था SEBI ने 19 मार्च 2014 को फाइनेंशियल टैक्नॉलॉजीज़ इण्डिया लिमिटेड (FTIL) के खिलाफ एक आदेश पारित कर उसे भारत के किसी भी शेयर बाजार अथवा क्लियरिंग कॉर्पोरेशन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सेदार बनने के लिए अनोपयुक्त करार दिया है। इस आदेश के बाद उसे किसी भी शेयर बाजार अथवा क्लियरिंग हाउस में अपनी हिस्सेदारी को 90 दिन के भीतर वापस करना होगा। वर्तमान में FTIL की हिस्सेदारी किन स्टॉक एक्सचेंज अथवा क्लियरिंग हाउसेज़ में है? – MCX स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज (DSE), बडोदरा स्टॉक एक्सचेंज (VSE) तथा MCX-SX क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (MCX-SX CCL) – (उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2013 के दौरान फॉर्वर्ड मार्केट्स आयोग (Forward Markets Commission – FMC) ने FTIL को MCX स्टॉक एक्सचेंज में 2% अथवा उससे अधिक हिस्सेदारी रखने के लिए अनोपयुक्त पाया था)
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10) केन्द्र सरकार ने 18 मार्च 2014 को लगभग 3,000 करोड़ की आय अर्जित करने के उद्देश्य से केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अपनी तरह के पहले एक्सचेंज ट्रेडेड फण्ड (CPSE-ETF) को लाँच किया। इस CPSE-ETF में 10 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं जो हैं – ओएनजीसी (ONGC), गेल (GAIL), कोल इण्डिया लिमिटेड (CIL), इण्डियन ऑयल कार्पोरेशन (IOC), कण्टेनर कॉर्पोरेशन (CCIL), ग्रामीण विद्युतीकरण कॉरपोरेशन (REC), ऑयल इण्डिया लिमिटेड (OIL), पॉवर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC), इंजीनियर्स इण्डिया लिमिटेड (EIL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)। इस को जारी करने के काम का प्रबन्धन किस वित्तीय कम्पनी को दिया गया है? – गोल्डमैन सैक्स इण्डिया म्यूचुअल फण्ड – Goldman Sachs India MF(उल्लेखनीय है कि CPSE-ETF एक इण्डेक्स फण्ड होगा लेकिन स्टॉक एक्सचेंज में यह किसी अन्य प्रतिभूति की तरह से खरीदा-बेंचा जा सकेगा। भारत सरकार के विनिवेश उपायों में यह भी अपनी भूमिका अदा करेगा)
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PANKAJ PATHAK



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